माना हँसी थोड़ी कम हैं ,
आँखें भी कुछ नम हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों
हौसलें अपने बुलन्द हैं।
ज़िंदगी थोड़ी नाराज़ हैं ,
तबीयत कुछ नासाज़ हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों
मुस्कुराहट हमारी तैयार हैं।
बदले हमारे अंदाज़ हैं ,
वक़्त की ये अजीब चाल हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों
राहें अपनी तैयार हैं।
खुदा से एक फरियाद है ,
बदल गए कुछ ख्वाब हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों
खुद पे ऐतबार हैं।
1 comment:
You have voiced it just so right
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