Sunday, August 25, 2013

ज़िन्दगी

माना हँसी थोड़ी कम  हैं ,
आँखें भी कुछ नम हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों 
हौसलें अपने बुलन्द हैं। 
 
ज़िंदगी थोड़ी नाराज़ हैं ,
तबीयत कुछ नासाज़ हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों 
मुस्कुराहट हमारी तैयार हैं। 
 
बदले हमारे अंदाज़ हैं ,
वक़्त  की ये अजीब चाल हैं ,
मगर यकीन करो दोस्तों 
राहें अपनी तैयार हैं। 
 
खुदा से एक फरियाद है ,
बदल गए कुछ ख्वाब हैं ,
मगर यकीन  करो दोस्तों 
खुद पे ऐतबार हैं। 
 
 
 
 

1 comment:

Unknown said...

You have voiced it just so right

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